अगर प्यार में पैसे की अहमियत नहीं होती तो हर कहानी में लड़की के ख्वाबों में कोई राजकुमार ही क्यों होता है? कभी सुना है कि "मेरे सपनों का मजदूर, बारात ले कर आएगा" !!!!
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एक लड़की का फोन टायलेट मे गिर गया. . . . . . . TOILET से ''जिन्न्न'' प्रकट हुआ. . . . . '' जिन्न '' ने लड़की को गोल्ड का फोन दिया और कहा ये लो तुम्हारा फोन. . . . . . . लड़की ने ''कुल्हाडी'' वाली कहानी सुन रखी थी . इसलिए ईमानदारी का परिचय देते हुए कहा ये सोने का फोन मेरा नहीं है. . . . . . . जिन्न :- पगली रुलाएगी क्या ? धो के देख तेरा ही है
JAI HO
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jai hind FRIDAY [6:19 PM, 3/24/2017] R m: अयोध्या की कहानी जिसे पढ़कर आप रो पड़ेंगे। कृपया इस लेख को पढ़ें, तथा प्रतेक हिन्दूँ मिञों को अधिक से अधिक शेयर करें। जब बाबर दिल्ली की गद्दी पर आसीन हुआ उस समय जन्मभूमि सिद्ध महात्मा श्यामनन्द जी महाराज के अधिकार क्षेत्र में थी। महात्मा श्यामनन्द की ख्याति सुनकर ख्वाजा कजल अब्बास मूसा आशिकान अयोध्या आये । महात्मा जी के शिष्य बनकर ख्वाजा कजल अब्बास मूसा ने योग और सिद्धियाँ प्राप्त कर ली और उनका नाम भी महात्मा श्यामनन्द के ख्यातिप्राप्त शिष्यों में लिया जाने लगा। ये सुनकर जलालशाह नाम का एक फकीर भी महात्मा श्यामनन्द के पास आया और उनका शिष्य बनकर सिद्धियाँ प्राप्त करने लगा। जलालशाह एक कट्टर मुसलमान था, और उसको एक ही सनक थी, हर जगह इस्लाम का आधिपत्य साबित करना । अत: जलालशाह ने अपने काफिर गुरू की पीठ में छुरा घोंपकर ख्वाजा कजल अब्बास मूसा के साथ मिलकर ये विचार किया की यदि इस मदिर को तोड़ कर मस्जिद बनवा दी जाये तो इस्लाम का परचम हिन्दुस्थान में स्थायी हो जायेगा। धीरे धीरे जलालशाह और ख्वाजा कजल अब्बास मू...